Msp news Punjab : पुरे देश भर में एमएसपी (Msp )एक बहुत बड़ा मुद्दा बना हुआ है, किसानों का आंदोलन करने का मुख्य करना नए तीन बिल है इस के चलते ही आंदोलन शुरू कर दिया है और इसी के बीच एमएसपी कानून के कुछ अहम आंकड़े सामने आये है सरकारी रिपोर्ट के अनुसार खरीफ की फसल गणना सत्र में अब तक न्यू समर्थन प्राइज के मूल्य पर किसानों से धान खरीद कर पिछले वर्षा की अवधि के मुकाबले 22.5% से बढ़कर 368.7 लाख टन तक पहुँच गया, जो लगभग 69.612 करोड़ रुपये की प्राइज थी.
एमएसपी फुल फोरम (Msp full form )
एमएसपी की फुल फॉर्म ,मिनिमम सपोर्ट प्राइस “Minimum Support Price” होती है. जिसका शीदा सा मतलब न्यूनतम समर्थन मूल्य होता है जिस को 14 दिसंबर 1964 को, मंजूरी दी गई थी. लेकिन इस को लागू नहीं किया गया था जिसे शिवरामन की मुहार से लागू किया गया था 11 दिसंबर 2020 को जारी एक रिपोर्ट में कहा है अक्टूबर 2020 से शुरू हुये मौजूदा खरीफ का सत्र 2020- 21 में सरकारें लगातार ही ,मिनिमम सपोर्ट प्राइस पर ही किसानों से इस वर्ष की खरीब की फसल की खरीदारी गई है।
इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश , हरियाणा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब , तमिल नाडु, चंडीगढ़ , जम्मू कश्मीर, आडीशा, महाराष्ट्र , बिहार , उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, गुजरात और केरल में 2020- 21 में खरीफ सत्र की सरकारी रिपोर्ट लगातार नियोजित तरीके से चल रही है।
इस रिपोर्ट में पंजाब टॉप पर – Msp news Punjab
इन आकड़ो में पंजाब टॉप पर है सरकारी रिपोर्ट के अनुसार खरीब का धान की कुल 368.70 लाख टन की खरीद में से केवल पंजाब में ही 202.77 लाख टन अकेले पंजाब से खरीद की गई है। खरीफ की धान की फसल में करीब 55 प्रतिशत खरीदारी पंजाब से हुई है।
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